प्यारे मियाँ उर्फ़ अब्दुल अय्यूब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से प्रकाशित ‘दैनिक अफकार’ के मालिक प्यारे मियाँ उर्फ़ अब्दुल अय्यूब को यहां की पॉक्सो अदालत ने 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने प्यारे मियाँ पर 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस घिनौने अपराध में उसकी मदद करने वाली महिला सहयोगी राबिया बी को भी अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है।
लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने मीडिया को बताया कि प्यारे मियां वर्ष 2014 से ही नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसा रहा था। वह गरीब और जरूरतमंद लड़कियों को हर महीने 10 हजार रुपये की नौकरी देने का लालच देकर अपने पास बुलाता था। इसके बाद उनके साथ यौन शोषण करता था। जांच में यह भी साबित हुआ कि राबिया बी ने इस अपराध में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उसकी मदद की थी।
यह मामला 11 जुलाई 2020 को सामने आया। रातीबड़ पुलिस को गश्त के दौरान नशे की हालत में पांच नाबालिग बच्चियां मिली थीं। पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि प्यारे मियाँ ने उन्हें जन्मदिन मनाने के बहाने भोपाल के शाहपुरा इलाके के एक फ्लैट पर बुलाया था, जहां उन्हें शराब पिलाई और उनका यौन शोषण किया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी प्यारे मियां के फ्लैट से हिडन कैमरे मिले थे। इन्हीं कैमरों की मदद से प्यारे मियां बच्चियों की वीडियो बनाता था। इसके बाद उनको ब्लैकमेल करता था। जांच के दौरान ही आरोपी के फ्लैट से पुलिस को पिस्टल मिली थी। जिससे वो पीड़िताओं को डराता धमकाता था।
पॉक्सो अदालत की विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने पॉक्सो कानून और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया। प्यारे मियां को कुल 10 मामलों में दोषी ठहराया गया है। इनमें से आठ मामलों में उसे मृत्यु होने तक उम्रकैद और अन्य दो मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत के आदेश के मुताबिक सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
